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गुरुवार, 25 दिसंबर 2014

shri chitraguptji bhajan:

ॐ 
श्री चित्रगुप्त भजन 
संजीव 
*
हे चित्रगुप्त भगवान! करुँ गुणगान, दया प्रभु कीजे, विनती मोरी सुन ...

जनम-जनम से भटक रहे हम, चमक-दमक में अटक रहे हम।

भव सागर में दुःख भोगें, उद्धार हमारा कीजे, विनती मोरी सुन लीजे...

हम याचक, विधि -हरि-हर दाता, भक्ति अटल दो भाग्य-विधाता।

मुक्ति पा सकें कर्म-चक्र से, युक्ति बता प्रभु! दीजे...

सकल सृष्टि के हे अवतारक!, लिपि-लेखनी-मसि आविष्कारक।

हे जनगण-मन के अधिनायक!, सब जग तुम पर रीझे...

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