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मंगलवार, 4 अगस्त 2009

रक्षा बंधन के दोहे: आचार्य सन्जीव 'सलिल'

रक्षा बंधन के दोहे:
संजीव

चित-पट दो पर एक है,दोनों का अस्तित्व.

भाई-बहिन अद्वैत का, लिए द्वैत में तत्व..

***

दो तन पर मन एक हैं, सुख-दुःख भी हैं एक.

यह फिसले तो वह 'सलिल', सार्थक हो बन टेक..

***

यह सलिला है वह सलिल, नेह नर्मदा धार.

इसकी नौका पार हो, पा उसकी पतवार..

***

यह उसकी रक्षा करे, वह इस पर दे जान.

'सलिल' स्नेह' को स्नेह दे, कर दे जान निसार..

***

शन्नो पूजा निर्मला, अजित दिशा मिल साथ.

संगीता मंजू सदा, रहें उठाये माथ.

****

दोहा राखी बाँधिए, हिन्दयुग्म के हाथ.

सब को दोहा सिद्ध हो, विनय 'सलिल' की नाथ..

***

राखी की साखी यही, संबंधों का मूल.

'सलिल' स्नेह-विश्वास है, शंका कर निर्मूल..


***

सावन मन भावन लगे, लाये बरखा मीत.

रक्षा बंधन-कजलियाँ, बाँटें सबको प्रीत..

*******

मन से मन का मेल ही, राखी का त्यौहार.

मिले स्नेह को स्नेह का, नित स्नेहिल उपहार..

*******

निधि ऋतु सुषमा अनन्या, करें अर्चना नित्य.

बढे भाई के नेह नित, वर दो यही अनित्य..

*******

आकांक्षा हर भाई की, मिले बहिन का प्यार.

राखी सजे कलाई पर, खुशियाँ मिलें अपार..

*******

गीता देती ज्ञान यह, कर्म न करना भूल.

स्वार्थरहित संबंध ही, है हर सुख का मूल..

*******

मेघ भाई धरती बहिन, मना रहे त्यौहार.

वर्षा का इसने दिया. है उसको उपहार..

*******

हम शिल्पी साहित्य के, रखें स्नेह-संबंध.

हिंदी-हित का हो नहीं, 'सलिल' भंग अनुबंध..

*******

राखी पर मत कीजिये, स्वार्थ-सिद्धि व्यापार.

बाँध- बँधाकर बसायें, 'सलिल' स्नेह संसार..

******

भैया-बहिना सूर्य-शशि, होकर भिन्न अभिन्न.

'सलिल' रहें दोनों सुखी, कभी न हों वे खिन्न..

*******

रक्षा बंधन के दोहे: आचार्य संजीव 'सलिल'

रक्षा बंधन के दोहे:

चित-पट दो पर एक है, दोनों का अस्तित्व.
भाई-बहिन अद्वैत का, लिए द्वैत में तत्व..
***
दो तन पर मन एक हैं, सुख-दुःख भी हैं एक.
यह फिसले तो वह 'सलिल', सार्थक हो बन टेक..
***
यह सलिला है वह सलिल, नेह नर्मदा धार.
इसकी नौका पार हो, पा उसकी पतवार..
***
यह उसकी रक्षा करे, वह इस पर दे जान.
'सलिल' स्नेह' को स्नेह दे, कर दे जान निसार..
***
शन्नो पूजा निर्मला, अजित दिशा मिल साथ.
संगीता मंजू सदा, रहें उठाये माथ.
****
दोहा राखी बाँधिए, हिन्दयुग्म के हाथ.
सब को दोहा सिद्ध हो, विनय 'सलिल' की नाथ..
***
राखी की साखी यही, संबंधों का मूल.
'सलिल' स्नेह-विश्वास है, शंका कर निर्मूल..
***
सावन मन भावन लगे, लाये बरखा मीत.
रक्षा बंधन-कजलियाँ, बाँटें सबको प्रीत..
*******
मन से मन का मेल ही, राखी का त्यौहार.
मिले स्नेह को स्नेह का, नित स्नेहिल उपहार..
*******
निधि ऋतु सुषमा अनन्या, करें अर्चना नित्य.
बढे भाई के नेह नित, वर दो यही अनित्य..
*******
आकांक्षा हर भाई की, मिले बहिन का प्यार.
राखी सजे कलाई पर, खुशियाँ मिलें अपार..
*******
गीता देती ज्ञान यह, कर्म न करना भूल.
स्वार्थरहित संबंध ही, है हर सुख का मूल..
*******
मेघ भाई धरती बहिन, मना रहे त्यौहार.
वर्षा का इसने दिया. है उसको उपहार..
*******
हम शिल्पी साहित्य के, रखें स्नेह-संबंध.
हिंदी-हित का हो नहीं, 'सलिल' भंग अनुबंध..
*******
राखी पर मत कीजिये, स्वार्थ-सिद्धि व्यापार.
बाँध- बँधाकर बसायें, 'सलिल' स्नेह संसार..
******
भैया-बहिना सूर्य-शशि, होकर भिन्न अभिन्न.
'सलिल' रहें दोनों सुखी, कभी न हों वे खिन्न..
*******

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2009

समाचार - शोध: सहायता करें

प्रश्न उठे उत्तर हैं शेष, पाठक करिए इन्हें अशेष. आत्मीय!
'परहित सरिस धरम नहीं भाई !
किसी का हित करने का ऐसा अवसर मिले की आपकी गाँठ से कौडी भी न जाए तो धर्म करने का यह अवसर कौन चूकना चाहेगा? आपके सामने एक ऐसा ही अवसर है।
आप जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में पत्रकारिता एंव जनसंचार विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्रा निहारिका श्रीवास्तव के कुछ प्रश्नों के उत्तर देकर उसके लघु शोध कार्य में सहायक हो सकते हैं। sनाताकोत्तर चतुर्थ सत्र में उसके लघु शोध पत्र का विषय है - 'बेव पत्रकारिता का बिकास एंव संभावनाये' । प्रश्न निम्न है--
प्रश्न १ : ई न्यूज पेपर क्या है?
प्रश्न 2 : पोर्टल क्या है?
प्रश्न 3 : डाॅट इन, डाॅट काम, डाॅट ओ। आर। जी। तथा अन्य सबंधित शब्दों के अर्थ एवं बेव पत्रकारिता में उनकी भूमिका?
प्रश्न 4 : भारत में बेव पत्रकारिता का प्रचलन कैसा है एंव मुख पोर्टल कौन कौन से है?
प्रश्न 5: वेब पत्रकारिता के विभिन्न स्वरूप एंव उनके समक्ष आने वाली चुनौतिया क्या है।
दिव्य नर्मदा के पाठक / दर्शक इन प्रश्नों के उत्तर देकर इस लधु शोध पत्र के लिए संजीवनी बूटी के समान सहायक सिद्ध हों। इन प्रश्नों के अतिरिक्त उक्त शोध पत्र से संबधित अन्य कोई जानकारी रखते है तो आप निहारिका को अपने ज्ञान से अनुगृहित करें।
निहारिका का ee मेल पता mailto:---naina7786@%3Cspan%20title=
डाक का पता : निहारिका श्रीवास्तव, जनसंचार एंव पत्रकारिता अध्ययन केन्द्र, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर (मध्य प्रदेश)

शनिवार, 4 अप्रैल 2009

चित्रगुप्त भजन : आचार्य संजीव 'सलिल'

धन-धन भाग हमारे

आचार्य संजीव 'सलिल'

धन-धन भाग हमारे, प्रभु द्वारे पधारे।
शरणागत को तारें, प्रभु द्वारे पधारे....

माटी तन, चंचल अंतर्मन, परस हो प्रभु, करदो कंचन।
जनगण नित्य पुकारे, प्रभु द्वारे पधारे....

प्रीत की रीत हमेशा निभायी, लाज भगत की सदा बचाई।
कबहूँ न तनक बिसारे, प्रभु द्वारे पधारे...

मिथ्या जग की तृष्णा-माया, अक्षय प्रभु की अमृत छाया।
मिल जय-जय गुंजा रे, प्रभु द्वारे पधारे...

आस-श्वास सी दोऊ मैया, ममतामय आँचल दे छैंया।
सुत का भाग जगा रे, प्रभु द्वारे पधारे...

नेह नर्मदा संबंधों की, जन्म-जन्म के अनुबंधों की।
नाते 'सलिल' निभा रे, प्रभु द्वारे पधारे...

***************

गुरुवार, 26 मार्च 2009

मातृ वंदना - संजीव 'सलिल'

मातृ वंदना 

- संजीव 'सलिल'

ममतामयी माँ नंदिनी-करुणामयी माँ इरावती।
सन्तान तेरी मिल उतारें, भाव-भक्ति से आरती...

लीला तुम्हारी हम न जानें, भ्रमित होकर हैं दुखी।
सत्पथ दिखाओ माँ, बने सन्तान सब तेरी सुखी॥
निर्मल ह्रदय के भाव हों, किंचित न कहीं अभाव हों-
सात्विक रहे आचार, माता सदय रहो निहारती॥

कुछ काम जग के आ सकें, महिमा तुम्हारी गा सकें।
सत्कर्म कर आशीष मैया!, पुत्र तेरे पा सकें॥
निष्काम औ' निष्पक्ष रह, सब मोक्ष पायें अंत में-
निश्छल रहें मन-प्राण, वाणी नित तम्हें गुहारती...

चित्रेश प्रभु केकृपा मैया!, आप ही दिलवाइये।
जैसे भी हैं, हैं पुत्र माता!, मत हमें ठुकराइए॥
कंकर से शंकर बन सकें, सत-शिव औ' सुंदर वर सकें-
साधना कर सफल, क्यों मुझ 'सलिल' को बिसारती...

***********************************

अलका सक्सेना श्रेष्ठ समाचार प्रस्तोता : बधाई

ज़ी न्यूज़ की अलका सक्सेना सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ एंकर और आजतक की श्वेता सिंह सबसे ग्लैमरस महिला एंकर बनी - मीडिया खबर, मार्च, 2009
हिंदी समाचार चैनलों में काम करने वाली महिला पत्रकारों पर केंद्रित सर्वे का परिणाम :

हिंदी के समाचार चैनलों में काम करने वाली महिलाओं को केंद्र में रखकर मीडिया खबर.कॉम ने अपने प्रिंट पार्टनर मीडिया मंत्र (मीडिया पर केंद्रित हिंदी की मासिक पत्रिका) के साथ मिलकर पिछले दिनों एक ऑनलाइन सर्वे करवाया। सर्वश्रेष्ठ महिला एंकर और सबसे ग्लैमरस एंकर के अलावा कुल 12 सवाल सर्वे में पूछे गए। यह सर्वे 15 फरवरी से 6 मार्च के बीच हुआ।

सर्वे के प्रति लोगों ने काफी रूचि दिखाई और कुल 4125 लोगों ने सर्वे में भाग लिया। सर्वे में मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े लोगों ने भी भाग लिया और इनकी संख्या 650 के करीब रही। इन्हें व्यक्तिगत स्तर पर मीडिया का ऑनलाइन सर्वे फॉर्म भेजा गया। सर्वे में कुछ सवाल ऐसे थे जो सिर्फ पत्रकारों के लिए था। मसलन महिलाओं के लिए कौन से चैनल का माहौल सबसे अच्छा है।

वोटिंग करने की प्रक्रिया में हमने ऐसी व्यवस्था की थी कि एक बार वोटिंग करने के तत्काल बाद आप उसी कंप्यूटर या आईपी एड्रेस से दुबारा वोट नहीं कर सकते। 12 घंटे के बाद ही वोट कर चुका व्यक्ति दुबारा वोट कर सकता था।

ऑनलाइन हुए सर्वे में सर्वश्रेष्ठ महिला न्यूज़ एंकर के लिए सबसे ज्यादा वोट जी न्यूज़ की कंसल्टिंग एडिटर अल्का सक्सेना को मिला। कुल 25.98% लोगों ने उनके पक्ष में मतदान किया। एनडीटीवी की निधि कुलपति उनसे महज कुछ प्रतिशत वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर पिछड़ गयीं। उन्हें 23.06%वोट मिले। तीसरे स्थान पर एनडीटीवी की नगमा सेहर रही। उन्हें 9.50% वोट मिले। 

वहीं दूसरी तरफ न्यूज़ चैनलों की सबसे ग्लैमरस महिला एंकर के लिए मुख्य प्रतिस्पर्धा एनडीटीवी की अफसां अंजुम और आजतक की श्वेता सिंह के बीच रहा। खास बात यह है कि दोनों ही एंकर को खेल पत्रकरिता में विशेषज्ञता हासिल है। लेकिन कड़े प्रतिस्पर्धा के बाद चंद वोटों के फासले से आजतक की श्वेता सिंह, एनडीटीवी की अफसां अंजुम से आगे निकल गयी। श्वेता सिंह को 22.95% वोट मिले जबकि अफसां अंजुम को 22.07% वोट मिले। गौरतलब है कि इन दोनों को सर्वश्रेष्ठ महिला न्यूज़ एंकर वाले श्रेणी में प्रथम दस की सूचि में भी जगह मिली। तीसरा स्थान एनडीटीवी की अमृता राय को मिला। उनके पक्ष में 8% लोगों ने मतदान किया। चौथे , पांचवें और छठवें स्थान पर नगमा सेहर, सिक्ता देव और अंजना कश्यप रही।

वैसे अलग-अलग चैनलों में काम करने वाली कुल 35 महिला एंकरों के नाम सर्वे के दौरान वोटिंग में हिस्सा लेने वाले लोगों ने सुझाये और अपनी पसंद के विकल्प में उनका नाम देने के साथ-साथ उनके पक्ष में वोट भी किया। हम दोनों श्रेणियों में यहां चोटी की दस महिला एंकरों के नाम दे रहे हैं।

सर्वे का परिणाम आने के बाद मीडिया मंत्र ने सर्वश्रेष्ठ एंकर के लिए सबसे ज्यादा वोट पाने वाली अल्का सक्सेना से बातचीत की तो उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा- ‘‘यह जानकर मुझे बहुत खुशी मिल रही है कि इतने नए और ग्लैमरस एंकरों के बीच अभी भी लोग मुझे याद रखते हैं। मैं उनलोगों को धन्यवाद करना चाहूंगी जिन्होंने मुझे वोट किया है। मैं मूलतः अपने आप को पत्रकार मानती हूँ और जब मैं एंकरिंग भी करती हूँ तो यह बात मेरे जेहन में रहती है और शायद लोग इस बात को नोटिस करते हैं। शायद यह ध्यान में रखकर मेरे पक्ष में लोगों ने वोट किया है और मुझे इस बात की खुशी है।’’

सर्वे में 44.72% लोगों ने न्यूज़ चैनलों में स्त्रियों के चयन के आधर को अपीयरेंस माना। दूसरी तरफ चैनल के ब्रांड इमेज में महिला पत्रकारों के योगदान को 65.85% लोगों ने अपीयरेंस तक ही सीमित माना। जबकि शिफ्ट और वर्किंग आवर को स्त्री पत्रकारों को सबसे बड़ी समस्या माना गया। और इसके पक्ष में 37.40% लोगों ने वोट किया। 46.34% लोगों ने महिला पत्रकारों के लिहाज से एनडीटीवी इंडिया को सबसे बेहतर माना। चैनलों की स्त्रियों से समाज में सबसे ज्यादा किसका प्रसार होता है, सर्वे के इस सवाल का परिणाम अप्रत्याशित रहा और 44.72%लोगों ने यह माना कि चैनलों की स्त्रियों से समाज में महिला जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रसार होता है।

सर्वे का पूरा परिणाम इस तरह से रहा :
1. हिंदी के महिला न्यूज़ एंकरों में आप किसे सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ एंकर मानते हैं ?
क्रम
एंकर
चैनल
प्रतिशत

1
अलका सक्सेना
जी न्यूज़
25.98%

2
निधि कुलपति
एनडीटीवी इंडिया
23.06%

3
नगमा सेहर
एनडीटीवी इंडिया
9.50%

4
अफसां अंजुम
एनडीटीवी इंडिया
7.50%

5
ऋचा अनिरुद्ध
आईबीएन-7
7.00%


6
श्वेता सिंह

आजतक
6.00%
7
मीमांसा मलिक

जी न्यूज़
3.75%
8
सोनिया सिंह

आजतक
3.00%
9
शाजिया इल्मी

स्टार न्यूज़
2.25%
10
शीतल राजपूत

जी न्यूज़
2.00%

2. हिन्दी न्यूज चैनल की सबसे ग्लैमरस एंकर आप किसे मानते हैं?

क्रम
एंकर
चैनल
प्रतिशत

1.
श्वेता सिंह

आजतक
22.95 %
2.
अफसां अंजुम

एनडीटीवी इंडिया
22.07%
3.
अमृता राय
एनडीटीवी इंडिया
8.00%

4.
नगमा सेहर
एनडीटीवी इंडिया
7.50%


5.
सिक्ता देव
एनडीटीवी इंडिया
7.00%


6.
अंजना कश्यप

न्यूज़ 24
6.00%
7.
सोनिया सिंह
आजतक
4.00%


8.
राधिका कौशिक

स्टार न्यूज़
3.00%
9.
शीतल राजपूत

जी न्यूज़
2.50%
10.
अदिति सावंत

स्टार न्यूज़
1.98%

3. आमतौर पर न्यूज चैनलों में स्त्रियों के चयन का आधार होता है..
अपीयरेंस
44.72%

खबरों की समझ
6.50%

लिखने और बोलने की क्षमता
25.20%

स्वयं स्त्री होना
18.70%

अन्य
4.88%

कुछ प्रतिक्रियाएं :@सुंदरता के अलावा चयन का कोई और आधार नहीं होता. @चयन का कोई आधार ही नहीं होता. @चयन का आधार खुबसूरत होना और दिमाग से गायब होना @बस महिला होना ही काफी है. @चयन के बहुत सारे आधार होते हैं.
@पुरुष पत्रकारों के लिए चयन की जो प्रक्रिया अपनाई जाती है वही प्रक्रिया महिला पत्रकार के चयन में भी अपनाई जाती है.
4. किसी भी चैनल में सबसे ज्यादा महिला पत्रकार किस काम पर लगाए जाते हैं-.
एकरिंग औऱ रिपोर्टिंग
84.55%

स्क्रिप्ट राइटिंग
1.63%


एडीटिंग,इन्जस्टिंग और एसाइन्मेंट
8.94%

तकनीकी

0.81%
अन्य

4.07%
5. चैनल की ब्रांड इमेज में महिला पत्रकारों का योगदान किस स्तर पर माना जाता है
अपीयरेंस

65.85%
रिपोर्टिंग

15.45%
रिवन्यू जेनरेटिंग और मार्केटिंग

12.20%
मैनेजमेंट

1.63%
अन्य

4.87%
6. मौजूदा हालत में स्त्री पत्रकारों की समस्या है-
सुरक्षा के स्तर पर

24.39%
शिफ्ट और वर्किंग आवर के स्तर पर

37.40%
एडजस्मेंट के स्तर पर

14.63%
जेंड़र भेदभाव के स्तर पर

19.51%
अन्य

4.07 %
7. स्त्रियों का मीडिया के प्रति बढ़ते रुझान की वजह है-
ग्लैमर और स्टेटस
73.98%

बदलाव की इच्छा
3.25%

चैलेजिंग प्रोफेशन
15.45%

सामाजिक भागीदारी
6.50%

अन्य
0.82%

8. ज्यादातर महिला पत्रकार किस फील्ड की रिपोर्टिंग पसंद करती है..
फिल्म,मनोरंजन और फैशन

89.43%
स्पोर्ट्स

0.81%
क्राइम और सोशल इश्यू

3.25%
बिजनेस और फाइनेंस

2.44%
अन्य

4.07%

9. महिला पत्रकारों के लिहाज से किस चैनल का महौल सबसे बेहतर है-
एनडीटीवी इंडिया
46.34%

आजतक
8.13%

न्यूज 24
9.76%

जी न्यूज
8.94%

सहारा
9.76%

स्टार न्यूज़
1.63%

अन्य
13.64%

10. चैनल की स्त्रियों से समाज में सबसे ज्यादा प्रसार होता है-
ग्लैमर का

37.40%
महिला जागरुकता और आत्मविश्वास का

44.72%
सामाजिक बराबरी का

8.94%
जिम्मेदारी का

6.50%
महिलाओं में टीवी पर आने का

2.44%
11. महिला एंकरों से ऑडिएंस के जुड़ने की वजह होती है-
खबरों की प्रस्तुति का अंदाज और आवाज
30.08%

प्रजेंस ऑफ माइंड और बोल्डनेस
10.57%

ग्लैमरस लुक
43.90%

फैमिलियर एप्रोच
13.01%

ग्लैमरस लुक और खबरों की प्रस्तुति का अंदाज़
0.81%


जेंडर आकर्षण
0.81%

अन्य
0.82%

12. टीवी पत्रकार के तौर पर ज्यादातर स्त्रियां अपने को किस रुप में देखना पसंद करती हैं-
एंकर
87.80%

रिपोर्टर
5.69%

प्रोड्यूसर
2.44%

स्क्रिप्ट राइटर
1.63%

अन्य
2.34 %

प्रतिक्रिया :एंकर रिपोर्टर प्रोड्यूसर स्क्रिप्ट राइटर मुझे लगता है....कि इनके अलावा प्रबंधन में भी शामिल किया जाए .

शनिवार, 21 मार्च 2009

geet:

गीत

चलो हम सूरज उगायें

आचार्य संजीव 'सलिल'

चलो! हम सूरज उगायें...

सघन तम से क्यों डरें हम?
भीत होकर क्यों मरें हम?
मरुस्थल भी जी उठेंगे-
हरितिमा मिल हम उगायें....

विमल जल की सुनें कल-कल।
भुला दें स्वार्थों की किल-किल।
सत्य-शिव-सुंदर रचें हम-
सभी सब के काम आयें...

लाये क्या?, ले जायेंगे क्या?,
किसी के मन भाएंगे क्या?
सोच यह जीवन जियें हम।
हाथ-हाथों से मिलायें...

आत्म में विश्वात्म देखें।
हर जगह परमात्म लेखें।
छिपा है कंकर में शंकर।
देख हम मस्तक नवायें...

तिमिर में दीपक बनेंगे।
शून्य में भी सुनेंगे।
नाद अनहद गूँजता  जो
सुन 'सलिल' सबको सुनायें...

************************

शुक्रवार, 20 मार्च 2009

muktika:

मुक्तिका 

तुम

आचार्य संजीव 'सलिल'
*
सारी रात जगाते हो तुम
नज़र न फिर भी आते हो तुम.

थक कर आँखें बंद करुँ तो-
सपनों में मिल जाते हो तुम.

पहले मुझ से आँख चुराते,
फिर क्यों आँख मिलाते हो तुम?

रूठ मौन हो कभी छिप रहे,
कभी गीत नव गाते हो तुम

नित नटवर नटनागर नटखट 
नचते नाच नचाते हो तुम

'सलिल' बाँह में कभी लजाते,
कभी दूर हो जाते हो तुम.



****************************

मंगलवार, 17 मार्च 2009

चित्रगुप्त वंदना : सलिल

दोहा सलिला:

चित्र-चित्र में गुप्त जो, उसको विनत प्रणाम।
वह कण-कण में रम रहा, तृण-तृण उसका धाम ।

विधि-हरि-हर उसने रचे, देकर शक्ति अनंत।
वह अनादि-ओंकार है, ध्याते उसको संत।

कल-कल,छन-छन में वही, बसता अनहद नाद।
कोई न उसके पूर्व है, कोई न उसके बाद।

वही रमा गुंजार में, वही थाप, वह नाद।
निराकार साकार वह, उससे सृष्टि निहाल।

'सलिल' साधना का वही, सिर्फ़ सहारा एक।
उस पर ही करता कृपा, काम करे जो नेक।

************************************

मुक्तक: दिल की बातें

मुक्तक

दिल को दिल ने जब पुकारा, दिल तड़प कर रह गया।
दिल को दिल का था सहारा, दिल न कुछ कह कह गया।
दिल ने दिल पर रखा पत्थर, दिल से आँखे फेर लीं-
दिल ने दिल से दिल लगाया, दिल्लगी दिल सह गया।

दिल लिया दिल बिन दिए ही, दिल दिया बिन दिल लिए।
देखकर यह खेल रोते दिल बिचारे लब सिए।
फिजा जहरीली कलंकित चाँद पर लानत 'सलिल'-
तुम्हें क्या मालूम तुमने तोड़ कितने दिल दिए।

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