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शनिवार, 4 अप्रैल 2009

चित्रगुप्त भजन : आचार्य संजीव 'सलिल'

धन-धन भाग हमारे

आचार्य संजीव 'सलिल'

धन-धन भाग हमारे, प्रभु द्वारे पधारे।
शरणागत को तारें, प्रभु द्वारे पधारे....

माटी तन, चंचल अंतर्मन, परस हो प्रभु, करदो कंचन।
जनगण नित्य पुकारे, प्रभु द्वारे पधारे....

प्रीत की रीत हमेशा निभायी, लाज भगत की सदा बचाई।
कबहूँ न तनक बिसारे, प्रभु द्वारे पधारे...

मिथ्या जग की तृष्णा-माया, अक्षय प्रभु की अमृत छाया।
मिल जय-जय गुंजा रे, प्रभु द्वारे पधारे...

आस-श्वास सी दोऊ मैया, ममतामय आँचल दे छैंया।
सुत का भाग जगा रे, प्रभु द्वारे पधारे...

नेह नर्मदा संबंधों की, जन्म-जन्म के अनुबंधों की।
नाते 'सलिल' निभा रे, प्रभु द्वारे पधारे...

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गुरुवार, 26 मार्च 2009

मातृ वंदना - संजीव 'सलिल'

मातृ वंदना 

- संजीव 'सलिल'

ममतामयी माँ नंदिनी-करुणामयी माँ इरावती।
सन्तान तेरी मिल उतारें, भाव-भक्ति से आरती...

लीला तुम्हारी हम न जानें, भ्रमित होकर हैं दुखी।
सत्पथ दिखाओ माँ, बने सन्तान सब तेरी सुखी॥
निर्मल ह्रदय के भाव हों, किंचित न कहीं अभाव हों-
सात्विक रहे आचार, माता सदय रहो निहारती॥

कुछ काम जग के आ सकें, महिमा तुम्हारी गा सकें।
सत्कर्म कर आशीष मैया!, पुत्र तेरे पा सकें॥
निष्काम औ' निष्पक्ष रह, सब मोक्ष पायें अंत में-
निश्छल रहें मन-प्राण, वाणी नित तम्हें गुहारती...

चित्रेश प्रभु केकृपा मैया!, आप ही दिलवाइये।
जैसे भी हैं, हैं पुत्र माता!, मत हमें ठुकराइए॥
कंकर से शंकर बन सकें, सत-शिव औ' सुंदर वर सकें-
साधना कर सफल, क्यों मुझ 'सलिल' को बिसारती...

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अलका सक्सेना श्रेष्ठ समाचार प्रस्तोता : बधाई

ज़ी न्यूज़ की अलका सक्सेना सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ एंकर और आजतक की श्वेता सिंह सबसे ग्लैमरस महिला एंकर बनी - मीडिया खबर, मार्च, 2009
हिंदी समाचार चैनलों में काम करने वाली महिला पत्रकारों पर केंद्रित सर्वे का परिणाम :

हिंदी के समाचार चैनलों में काम करने वाली महिलाओं को केंद्र में रखकर मीडिया खबर.कॉम ने अपने प्रिंट पार्टनर मीडिया मंत्र (मीडिया पर केंद्रित हिंदी की मासिक पत्रिका) के साथ मिलकर पिछले दिनों एक ऑनलाइन सर्वे करवाया। सर्वश्रेष्ठ महिला एंकर और सबसे ग्लैमरस एंकर के अलावा कुल 12 सवाल सर्वे में पूछे गए। यह सर्वे 15 फरवरी से 6 मार्च के बीच हुआ।

सर्वे के प्रति लोगों ने काफी रूचि दिखाई और कुल 4125 लोगों ने सर्वे में भाग लिया। सर्वे में मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े लोगों ने भी भाग लिया और इनकी संख्या 650 के करीब रही। इन्हें व्यक्तिगत स्तर पर मीडिया का ऑनलाइन सर्वे फॉर्म भेजा गया। सर्वे में कुछ सवाल ऐसे थे जो सिर्फ पत्रकारों के लिए था। मसलन महिलाओं के लिए कौन से चैनल का माहौल सबसे अच्छा है।

वोटिंग करने की प्रक्रिया में हमने ऐसी व्यवस्था की थी कि एक बार वोटिंग करने के तत्काल बाद आप उसी कंप्यूटर या आईपी एड्रेस से दुबारा वोट नहीं कर सकते। 12 घंटे के बाद ही वोट कर चुका व्यक्ति दुबारा वोट कर सकता था।

ऑनलाइन हुए सर्वे में सर्वश्रेष्ठ महिला न्यूज़ एंकर के लिए सबसे ज्यादा वोट जी न्यूज़ की कंसल्टिंग एडिटर अल्का सक्सेना को मिला। कुल 25.98% लोगों ने उनके पक्ष में मतदान किया। एनडीटीवी की निधि कुलपति उनसे महज कुछ प्रतिशत वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर पिछड़ गयीं। उन्हें 23.06%वोट मिले। तीसरे स्थान पर एनडीटीवी की नगमा सेहर रही। उन्हें 9.50% वोट मिले। 

वहीं दूसरी तरफ न्यूज़ चैनलों की सबसे ग्लैमरस महिला एंकर के लिए मुख्य प्रतिस्पर्धा एनडीटीवी की अफसां अंजुम और आजतक की श्वेता सिंह के बीच रहा। खास बात यह है कि दोनों ही एंकर को खेल पत्रकरिता में विशेषज्ञता हासिल है। लेकिन कड़े प्रतिस्पर्धा के बाद चंद वोटों के फासले से आजतक की श्वेता सिंह, एनडीटीवी की अफसां अंजुम से आगे निकल गयी। श्वेता सिंह को 22.95% वोट मिले जबकि अफसां अंजुम को 22.07% वोट मिले। गौरतलब है कि इन दोनों को सर्वश्रेष्ठ महिला न्यूज़ एंकर वाले श्रेणी में प्रथम दस की सूचि में भी जगह मिली। तीसरा स्थान एनडीटीवी की अमृता राय को मिला। उनके पक्ष में 8% लोगों ने मतदान किया। चौथे , पांचवें और छठवें स्थान पर नगमा सेहर, सिक्ता देव और अंजना कश्यप रही।

वैसे अलग-अलग चैनलों में काम करने वाली कुल 35 महिला एंकरों के नाम सर्वे के दौरान वोटिंग में हिस्सा लेने वाले लोगों ने सुझाये और अपनी पसंद के विकल्प में उनका नाम देने के साथ-साथ उनके पक्ष में वोट भी किया। हम दोनों श्रेणियों में यहां चोटी की दस महिला एंकरों के नाम दे रहे हैं।

सर्वे का परिणाम आने के बाद मीडिया मंत्र ने सर्वश्रेष्ठ एंकर के लिए सबसे ज्यादा वोट पाने वाली अल्का सक्सेना से बातचीत की तो उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा- ‘‘यह जानकर मुझे बहुत खुशी मिल रही है कि इतने नए और ग्लैमरस एंकरों के बीच अभी भी लोग मुझे याद रखते हैं। मैं उनलोगों को धन्यवाद करना चाहूंगी जिन्होंने मुझे वोट किया है। मैं मूलतः अपने आप को पत्रकार मानती हूँ और जब मैं एंकरिंग भी करती हूँ तो यह बात मेरे जेहन में रहती है और शायद लोग इस बात को नोटिस करते हैं। शायद यह ध्यान में रखकर मेरे पक्ष में लोगों ने वोट किया है और मुझे इस बात की खुशी है।’’

सर्वे में 44.72% लोगों ने न्यूज़ चैनलों में स्त्रियों के चयन के आधर को अपीयरेंस माना। दूसरी तरफ चैनल के ब्रांड इमेज में महिला पत्रकारों के योगदान को 65.85% लोगों ने अपीयरेंस तक ही सीमित माना। जबकि शिफ्ट और वर्किंग आवर को स्त्री पत्रकारों को सबसे बड़ी समस्या माना गया। और इसके पक्ष में 37.40% लोगों ने वोट किया। 46.34% लोगों ने महिला पत्रकारों के लिहाज से एनडीटीवी इंडिया को सबसे बेहतर माना। चैनलों की स्त्रियों से समाज में सबसे ज्यादा किसका प्रसार होता है, सर्वे के इस सवाल का परिणाम अप्रत्याशित रहा और 44.72%लोगों ने यह माना कि चैनलों की स्त्रियों से समाज में महिला जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रसार होता है।

सर्वे का पूरा परिणाम इस तरह से रहा :
1. हिंदी के महिला न्यूज़ एंकरों में आप किसे सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ एंकर मानते हैं ?
क्रम
एंकर
चैनल
प्रतिशत

1
अलका सक्सेना
जी न्यूज़
25.98%

2
निधि कुलपति
एनडीटीवी इंडिया
23.06%

3
नगमा सेहर
एनडीटीवी इंडिया
9.50%

4
अफसां अंजुम
एनडीटीवी इंडिया
7.50%

5
ऋचा अनिरुद्ध
आईबीएन-7
7.00%


6
श्वेता सिंह

आजतक
6.00%
7
मीमांसा मलिक

जी न्यूज़
3.75%
8
सोनिया सिंह

आजतक
3.00%
9
शाजिया इल्मी

स्टार न्यूज़
2.25%
10
शीतल राजपूत

जी न्यूज़
2.00%

2. हिन्दी न्यूज चैनल की सबसे ग्लैमरस एंकर आप किसे मानते हैं?

क्रम
एंकर
चैनल
प्रतिशत

1.
श्वेता सिंह

आजतक
22.95 %
2.
अफसां अंजुम

एनडीटीवी इंडिया
22.07%
3.
अमृता राय
एनडीटीवी इंडिया
8.00%

4.
नगमा सेहर
एनडीटीवी इंडिया
7.50%


5.
सिक्ता देव
एनडीटीवी इंडिया
7.00%


6.
अंजना कश्यप

न्यूज़ 24
6.00%
7.
सोनिया सिंह
आजतक
4.00%


8.
राधिका कौशिक

स्टार न्यूज़
3.00%
9.
शीतल राजपूत

जी न्यूज़
2.50%
10.
अदिति सावंत

स्टार न्यूज़
1.98%

3. आमतौर पर न्यूज चैनलों में स्त्रियों के चयन का आधार होता है..
अपीयरेंस
44.72%

खबरों की समझ
6.50%

लिखने और बोलने की क्षमता
25.20%

स्वयं स्त्री होना
18.70%

अन्य
4.88%

कुछ प्रतिक्रियाएं :@सुंदरता के अलावा चयन का कोई और आधार नहीं होता. @चयन का कोई आधार ही नहीं होता. @चयन का आधार खुबसूरत होना और दिमाग से गायब होना @बस महिला होना ही काफी है. @चयन के बहुत सारे आधार होते हैं.
@पुरुष पत्रकारों के लिए चयन की जो प्रक्रिया अपनाई जाती है वही प्रक्रिया महिला पत्रकार के चयन में भी अपनाई जाती है.
4. किसी भी चैनल में सबसे ज्यादा महिला पत्रकार किस काम पर लगाए जाते हैं-.
एकरिंग औऱ रिपोर्टिंग
84.55%

स्क्रिप्ट राइटिंग
1.63%


एडीटिंग,इन्जस्टिंग और एसाइन्मेंट
8.94%

तकनीकी

0.81%
अन्य

4.07%
5. चैनल की ब्रांड इमेज में महिला पत्रकारों का योगदान किस स्तर पर माना जाता है
अपीयरेंस

65.85%
रिपोर्टिंग

15.45%
रिवन्यू जेनरेटिंग और मार्केटिंग

12.20%
मैनेजमेंट

1.63%
अन्य

4.87%
6. मौजूदा हालत में स्त्री पत्रकारों की समस्या है-
सुरक्षा के स्तर पर

24.39%
शिफ्ट और वर्किंग आवर के स्तर पर

37.40%
एडजस्मेंट के स्तर पर

14.63%
जेंड़र भेदभाव के स्तर पर

19.51%
अन्य

4.07 %
7. स्त्रियों का मीडिया के प्रति बढ़ते रुझान की वजह है-
ग्लैमर और स्टेटस
73.98%

बदलाव की इच्छा
3.25%

चैलेजिंग प्रोफेशन
15.45%

सामाजिक भागीदारी
6.50%

अन्य
0.82%

8. ज्यादातर महिला पत्रकार किस फील्ड की रिपोर्टिंग पसंद करती है..
फिल्म,मनोरंजन और फैशन

89.43%
स्पोर्ट्स

0.81%
क्राइम और सोशल इश्यू

3.25%
बिजनेस और फाइनेंस

2.44%
अन्य

4.07%

9. महिला पत्रकारों के लिहाज से किस चैनल का महौल सबसे बेहतर है-
एनडीटीवी इंडिया
46.34%

आजतक
8.13%

न्यूज 24
9.76%

जी न्यूज
8.94%

सहारा
9.76%

स्टार न्यूज़
1.63%

अन्य
13.64%

10. चैनल की स्त्रियों से समाज में सबसे ज्यादा प्रसार होता है-
ग्लैमर का

37.40%
महिला जागरुकता और आत्मविश्वास का

44.72%
सामाजिक बराबरी का

8.94%
जिम्मेदारी का

6.50%
महिलाओं में टीवी पर आने का

2.44%
11. महिला एंकरों से ऑडिएंस के जुड़ने की वजह होती है-
खबरों की प्रस्तुति का अंदाज और आवाज
30.08%

प्रजेंस ऑफ माइंड और बोल्डनेस
10.57%

ग्लैमरस लुक
43.90%

फैमिलियर एप्रोच
13.01%

ग्लैमरस लुक और खबरों की प्रस्तुति का अंदाज़
0.81%


जेंडर आकर्षण
0.81%

अन्य
0.82%

12. टीवी पत्रकार के तौर पर ज्यादातर स्त्रियां अपने को किस रुप में देखना पसंद करती हैं-
एंकर
87.80%

रिपोर्टर
5.69%

प्रोड्यूसर
2.44%

स्क्रिप्ट राइटर
1.63%

अन्य
2.34 %

प्रतिक्रिया :एंकर रिपोर्टर प्रोड्यूसर स्क्रिप्ट राइटर मुझे लगता है....कि इनके अलावा प्रबंधन में भी शामिल किया जाए .

शनिवार, 21 मार्च 2009

geet:

गीत

चलो हम सूरज उगायें

आचार्य संजीव 'सलिल'

चलो! हम सूरज उगायें...

सघन तम से क्यों डरें हम?
भीत होकर क्यों मरें हम?
मरुस्थल भी जी उठेंगे-
हरितिमा मिल हम उगायें....

विमल जल की सुनें कल-कल।
भुला दें स्वार्थों की किल-किल।
सत्य-शिव-सुंदर रचें हम-
सभी सब के काम आयें...

लाये क्या?, ले जायेंगे क्या?,
किसी के मन भाएंगे क्या?
सोच यह जीवन जियें हम।
हाथ-हाथों से मिलायें...

आत्म में विश्वात्म देखें।
हर जगह परमात्म लेखें।
छिपा है कंकर में शंकर।
देख हम मस्तक नवायें...

तिमिर में दीपक बनेंगे।
शून्य में भी सुनेंगे।
नाद अनहद गूँजता  जो
सुन 'सलिल' सबको सुनायें...

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शुक्रवार, 20 मार्च 2009

muktika:

मुक्तिका 

तुम

आचार्य संजीव 'सलिल'
*
सारी रात जगाते हो तुम
नज़र न फिर भी आते हो तुम.

थक कर आँखें बंद करुँ तो-
सपनों में मिल जाते हो तुम.

पहले मुझ से आँख चुराते,
फिर क्यों आँख मिलाते हो तुम?

रूठ मौन हो कभी छिप रहे,
कभी गीत नव गाते हो तुम

नित नटवर नटनागर नटखट 
नचते नाच नचाते हो तुम

'सलिल' बाँह में कभी लजाते,
कभी दूर हो जाते हो तुम.



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मंगलवार, 17 मार्च 2009

चित्रगुप्त वंदना : सलिल

दोहा सलिला:

चित्र-चित्र में गुप्त जो, उसको विनत प्रणाम।
वह कण-कण में रम रहा, तृण-तृण उसका धाम ।

विधि-हरि-हर उसने रचे, देकर शक्ति अनंत।
वह अनादि-ओंकार है, ध्याते उसको संत।

कल-कल,छन-छन में वही, बसता अनहद नाद।
कोई न उसके पूर्व है, कोई न उसके बाद।

वही रमा गुंजार में, वही थाप, वह नाद।
निराकार साकार वह, उससे सृष्टि निहाल।

'सलिल' साधना का वही, सिर्फ़ सहारा एक।
उस पर ही करता कृपा, काम करे जो नेक।

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मुक्तक: दिल की बातें

मुक्तक

दिल को दिल ने जब पुकारा, दिल तड़प कर रह गया।
दिल को दिल का था सहारा, दिल न कुछ कह कह गया।
दिल ने दिल पर रखा पत्थर, दिल से आँखे फेर लीं-
दिल ने दिल से दिल लगाया, दिल्लगी दिल सह गया।

दिल लिया दिल बिन दिए ही, दिल दिया बिन दिल लिए।
देखकर यह खेल रोते दिल बिचारे लब सिए।
फिजा जहरीली कलंकित चाँद पर लानत 'सलिल'-
तुम्हें क्या मालूम तुमने तोड़ कितने दिल दिए।

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सोमवार, 16 मार्च 2009

सलिल की कलम से...

मुक्तक
सलिल
*
रंग बिरंगी इस दुनिया के सारे रंग फीके पड़ते।

इठलाते जो फूल आज, वे कल बेबस होकर झड़ते।

झगड़ रहे हैं फ़िर भी क्यों हम?, कोई मुझको बतलाये-

'सलिल' सत्य को जाने बिन ही, क्यों जिद करते, क्यों अड़ते?
*

shri chitragupta bhajan:

श्री भगवान
संजीव
*
मिटाने भक्तों का दुःख-दर्द, जगत में आते श्री भगवान्...

जब मेरे प्रभु जग में आवें, नभ से देव सुमन बरसावें।
कलम-दवात सुशोभित कर में, देते अक्षर ज्ञान
मिटाने भक्तों का दुःख-दर्द, जगत में आते श्री भगवान्...

चित्रगुप्त प्रभु शब्द-शक्ति हैं, माँ सरस्वती नाद शक्ति हैं।
ध्वनि अक्षर का मेल ऋचाएं, मन्त्र-श्लोक विज्ञान
मिटाने भक्तों का दुःख-दर्द, जगत में आते श्री भगवान्...

मातु नंदिनी आदिशक्ति हैं। माँ इरावती मोह-मुक्ति हैं.
इडा-पिंगला रिद्धि-सिद्धिवत, करती जग-उत्थान
मिटाने भक्तों का दुःख-दर्द, जगत में आते श्री भगवान्...

कण-कण में जो चित्र गुप्त है, कर्म-लेख वह चित्रगुप्त है।
कायस्थ है काया में स्थित, आत्मा महिमावान
मिटाने भक्तों का दुःख-दर्द, जगत में आते श्री भगवान्...

विधि-हरि-हर रच-पाल-मिटायें, अनहद सुन योगी तर जायें।
रमा-शारदा-शक्ति करें नित, जड़-चेतन कल्याण
मिटाने भक्तों का दुःख-दर्द, जगत में आते श्री भगवान्...

श्यामल मुखछवि, रूप सुहाना, जैसा बोना वैसा पाना।
कर्म न कोई छिपे ईश से, 'सलिल' रहे अनजान
मिटाने भक्तों का दुःख-दर्द, जगत में आते श्री भगवान्...

लोभ-मोह-विद्वेष-काम तज, करुणासागर प्रभु का नाम भज।
कर सत्कर्म 'शान्ति' पा ले, दुष्कर्म अशांति विधान
मिटाने भक्तों का दुःख-दर्द, जगत में आते श्री भगवान्...

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रविवार, 15 मार्च 2009

राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद : एक नज़र

राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद : एक नज़र

१ गठन : २३ जून २००३, जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय कायस्थ कार्यकर्त्ता सम्मलेन में।

२ स्वरुप : यह देश-विदेश में कार्यरत कायस्थ संस्थाओं, न्यासों, समितियों, मंदिरों, पत्र-पत्रिकाओं आदि का परिसंघ है। इसका संविधान अध्यक्षीय प्रणाली पर आधारित है। हर ५ वर्ष बाद सभी सम्बद्ध सभाओं के वैध प्रतिनिधि राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करते हैं। निर्वाचित अध्यक्ष अन्य पदाधिकारियों तथा कार्य कारिणी का मनोनयन करता है। परिक्षेत्र अध्यक्ष ( चैप्टर चेयरमैन ) तथा युवा महत्वपूर्ण घटक हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष को परामर्श देने के लिए मार्ग दर्शक मंडल होता है। विधायिका (साधारण सभा) तथा kaarya paalika ( राष्ट्रीय कार्यकारिणी ) के माध्यम से गतिविधियों का सञ्चालन होता है।
३ उद्देश्य : उक्त सभी को सामाजिक समरसता, राष्ट्रीयता, सहयोग, सद्भाव तथा समन्वय के लिए एक संयुक्त मंच प्रदान करना। अन्य संथाओं के कार्यक्रमों में सहयोग देना तथा अपनर कार्यक्रमों में सबका सहयोग लेना। शासन। समाज तथा प्रेस को कायस्थों के संख्या बल, बौद्धिक क्षमता, आर्थिक स्थिति, सामाजिक मान्यता तथा सर्वतोमुखी योगदान की अनिभूति करना।

४ : सर्व धर्म समभाव, सर्वे भवन्तु सुखिनः, वसुधैव कुटुम्बकम, विश्विक नीडंआदि आदर्शों को मूर्त करने के लिए स्थानीय, प्रांतीय, राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्टार पर गतिविधियों का सञ्चालन, नियंत्रण तथा आयोजन करना और कराना। विश्व शान्ति, विश्व न्याय, विश्व ज्ञान तथा विव्श्व मानव की परिकल्पना को मूर्त कराना। इस हेतु चित्रगुप्त मंदिरों का निर्माण, जीर्णोद्धार तथा सञ्चालन करना।

५ सदस्यता : संरक्षक ११००/- , पदाधिकारी २५०/- वार्षिक, सम्बद्धता - राष्ट्रीय ५०१/-, प्रांतीय २५१/-, स्थानीय ५१/-, पत्रिका २१/-, धार्मिक संसथान ५/-।

६ मताधिकार : उक्तानुसार क्रमशः राष्ट्रीय १५, प्रांतीय १०, स्थानीय ५ तथा anya १ मत

७ कार्य काल : राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महामंत्री लगातार २ कार्यकाल से अधिक अपने पद पर नहीं रह सकेंगे।

८ साधारण सभा : संचालक मंडल के सदस्य, सम्बद्ध सभाओं के प्रतिनिधि, मार्ग दर्शक मंडल, कार्य कारिणी सदस्य
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